वो दिल क्या जो मिलने की दुआ न करे, तुम्हें भुलकर जिऊ यह खुदा न करे, रहे तेरी दोस्ती मेरी जिन्दगानी बनकर, यह बात और है जिन्दगी वफा न करे|
Kaash hum bhi hote shayri ke badshah, Tujhe rulate teri be-wafaai ke shair suna suna kar
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