Sunday, 20 September 2015

एक बार हरयाणा रोडवेज का जाट कंडक्टर रूक्केय मारन लॉग रया आजाओ आजाओ रोहतक रोहतक

एक छोरी बोली-सीट तो है ही नहीं क्या करे चढ के ??

कंडक्टर-सीट कोन्या तै सवारी के पल्ली बिछा कै बैठी सै

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